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मोतियाबिंद क्या है? कारण, लक्षण और इलाज | Motiyabind Kya Hai? Karan, Lakshan aur Ilaaj



मोतियाबिंद क्या है? कारण, लक्षण और इलाज | Motiyabind Kya Hai? Karan, Lakshan aur Ilaaj

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इस वीडियो में, डॉ. प्रियंका तुम्मा और डॉ. निधि पटवर्धन मोतियाबिंद और मोतियाबिंद सर्जरी के बारे में बता रही हैं। वे निम्नलिखित विषयों पर चर्चा करती हैं:
• मोतियाबिंद क्या है? (Motiyabind kya hai?)
• मोतियाबिंद के कारण क्या हैं? (Motiyabind ke karan kya hain?)
• क्या दवा से मोतियाबिंद को रोका जा सकता है? (Kya dawa se motiyabind ko roka ja sakta hai?)
• मोतियाबिंद का ऑपरेशन कब ज़रूरी है? (Motiyabind ka operation kab zaroori hai?)
• मोतियाबिंद सर्जरी का सही समय क्या है? (Motiyabind surgery ka sahi samay kya hai?)
• फोल्डेबल आईओएल के प्रकार क्या हैं? (Foldable IOL ke prakar kya hain?)
• सर्जरी के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए? (Surgery ke baad kitne din aaram karna chahiye?)
• क्या मोतियाबिंद दोबारा हो सकता है? (Kya motiyabind dobara ho sakta hai?)
• आईए असिस्टेंट मोतियाबिंद सर्जरी क्या है? (IA assistant motiyabind surgery kya hai?)
मोतियाबिंद एक आम समस्या है जिसमें आंख का लेंस धुंधला हो जाता है. मोतियाबिंद सर्जरी एक सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है जो आपकी दृष्टि को बहाल कर सकती है. यदि आपको मोतियाबिंद के बारे में कोई प्रश्न हैं, तो इस वीडियो को देखें!

In this video, Dr. Priyanka Tumma and Dr. Nidhi Patwardhan discuss cataracts and cataract surgery. They cover the following topics:
• What is a cataract?
• What are the causes of cataracts?
• Can cataracts be stopped with medication?
• When is cataract surgery necessary?
• What is the right time for cataract surgery?
• What are the types of foldable IOLs?
• How many days of rest are required after surgery?
• Can cataracts reoccur?
• What is IA Assistant cataract surgery?
• Cataracts are a common problem in which the eye’s lens becomes cloudy. Cataract surgery is a safe and effective procedure that can restore your vision. If you have any questions about cataracts, watch this video
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Timestamps
00:00 मोतियाबिंद क्या है? (Motiyabind kya hai?)
00:50मोतियाबिंद के कारण क्या हैं? (Motiyabind ke karan kya hain?)
02:15 क्या दवा से मोतियाबिंद को रोका जा सकता है? (Kya dawa se motiyabind ko roka ja sakta hai?)
02:32 मोतियाबिंद का ऑपरेशन कब ज़रूरी है? (Motiyabind ka operation kab zaroori hai?)
02:58 मोतियाबिंद सर्जरी का सही समय क्या है? (Motiyabind surgery ka sahi samay kya hai?)
03:46 फोल्डेबल आईओएल के प्रकार क्या हैं? (Foldable IOL ke prakar kya hain?)
04:30 सर्जरी के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए? (Surgery ke baad kitne din aaram karna chahiye?)
05:08 क्या मोतियाबिंद दोबारा हो सकता है? (Kya motiyabind dobara ho sakta hai?)
05:45 आईए असिस्टेंट मोतियाबिंद सर्जरी क्या है? (IA assistant motiyabind surgery kya hai?)

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Transcript :-

आज हम मोतिया बिन के बारे में डॉक्टर निधि पटवर्धन मैम से कुछ जानकारी लेंगे मैम हमें यह बताइए कि मोतिया बिन क्या होता है मोतिया बिंद या मोतिया जिसे हिंदी में बोलते हैं वह एक्चुअली एक बीमारी नहीं है यह एक नॉर्मल एजिंग प्रोसेस है बेसिकली जैसे आपकी जज होती है तो आपके बाल सफेद होने लगते हैं तो उस तरीके से ही हमारी जो आंखों में एक लेंस रहती है जिसे हम देखते हैं तो नॉर्मली जो लेंस रहती है वो प रहती है ट्रांसपेरेंट रहती है पर जैसे जैसे एजिंग होती है तो वह लेंस का जो पारदर्शिता है वह कम होता जाता है और वह धीरे-धीरे ओपेक या क्लाउडीकंपेयर जो है वो हर ऑलमोस्ट हर पेशेंट को होगा जैसे-जैसे उसकी एज बढ़ती जाती है तो बेसिकली एजिंग इसका सबसे इंपॉर्टेंट कारण है पर कुछ-कुछ कंडीशंस होती हैं जिसमें मोतिया बिन थोड़ी अर्ली एज में भी हो सकता है जिसमें मोस्ट कॉमन आजार जो आजकल इंडिया में है वह है डायबिटीज तो डायबिटीज और खासकर वो अनकंट्रोल डायबिटीज हो तो उन पेशेंट्स में जल्दी मूत बिंद हो सकता है उसके अलावा अगर कुछ किसी को आंख में अगर चोट लगी है तो उसको ट्रामा की वजह से वो मोत्या बिंद हो सकता है फिर स्टेरॉइड की मेडिसिन किसी को चालू है तो उसको भी मोती बिंद हो सकता है या आंखों में कुछ और भी तकलीफ होती है तो उसमें भी व मोती बिंद का आजार जल्दी हो सकता है और इसमें हा आपने जैसे पूछा कि सिमटम्स क्या होते हैं मतलब क्या पेशेंट को क्या तकलीफ होगी तो मोस्ट कॉमन होता है कि पेशेंट को दूर का धुला दिखने चालू हो जाता है कभी कभी पेशेंट बोलते है कि मुझे पास का अच्छे से दिख रहा है पर दूर का इतना क्लियर नहीं दिख रहा है ट इ मोस्ट कॉमन हम बोलेंगे सिमम रहता है और इसके एक सिमम रहता है कि जो लोग ड्राइविंग करते हैं रात को उनको रात को आंखों में ऐसे चुंके लाइट जो है व चु आती है मतलब ऐसे बहुत ब्राइट लाइट लगती है तो उनको ड्राइविंग में प्रॉब्लम आने लग जाती है ओके मैम दूसरी बात हम दवाइयों से मोतिया बिंद रोक सकते हैं क्या नहीं अभी तक ऐसी कोई मेडिसिन नहीं है जिससे हम मोती बिंद को स्लो कर सकते हैं या बंद कर सकते हैं अभी तक उसका एकमात्र फुल प्रूफ ट्रीटमेंट बोला तो सिर्फ सर्जरी है मैम ऑपरेशन कब करना जरूरी है मोतियाबिंद में बेसिकली जैसे ही पेशेंट को लगता है कि उसकी नजर कम हो रही है और उसको नॉर्मल जो उसकी लाइफ है उसमें काम करने में तकलीफ हो रही है तो आजकल यह रिकमेंडेशन है कि आपको जब भी सिमम आने लगे कि मुझे दिखने में तकलीफ हो रही है मुझे अपने नॉर्मल जो डे टू डे काम है वोह करने में कुछ भी प्रॉब्लम हो रही है तो कैटरेक्ट सर्जरी जल्दी कर लेनी चाहिए ओके मोतिया बंद के ऑपरेशन में कितना टाइम लगता है आजकल जो मोतीबिंदु का ऑपरेशन है वोह काफी एडवांस हो गया है एक्चुअली अभी जो मोतियाबिंद का ऑपरेशन है उसमें इतनी एडवांसमेंट हुई है पिछले 30 साल में कि जो आई थिंक किसी और सर्जरी में नहीं हुई है अभी की जो सर्जरी होती है मोस्ट कॉमनली हम जो करते हैं उसको हम बोलते हैं फेको इमल्स फिकेशन उसमें हम हार्डली दो से ती मिलीमीटर का चीरा बूबल के अंदर बनाते हैं कॉर्निया के अंदर और उसके थ्रू फेको प्रोब हम अंदर डालते हैं और फिर अल्ट्रासाउंड एनर्जी से वो जो अंदर का मोती बिंदु होता है वो हम वो मशीन से खा लेते हैं और फिर उसके अंदर ही हम मोस्ट ऑफ द टाइम्स फोल्डेबल लेंस डालते हैं तो इस नॉर्मली इस प्रोसीजर में 10 से 15 मिनट का टाइम लगता है ओके मैम फिर फोल्डेबल लेंस जो होते हैं वो किस-किस प्रकार के होते हैं फोल्डेबल लेंस के प्रकार में आजकल बहुत ही ज्यादा एडवांसमेंट्स आ रहे हैं और डे टू डे आप हर रोज देखेंगे तो नए-नए टाइप के डिवाइड करें तो जो होते हैं लेंसेक्स के रहते हैं एक होते हैं मोनोफोकल लेंस जो कि नॉर्मली दूर की नजर बढ़ाने के लिए होते हैं फिर एक होते हैं मल्टीफोकल लेंस जो कि अगर आपको दूर का और पास का दोनों का देखना है तो उसके लिए रहते हैं और एक होते हैं ईड ऑफ लेंसेशन टाइप लेंसेक्स मैम कितने दिन हमें रेस्ट लेना जरूरी है मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद जनरली जो अगर हमने अ मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया है जो कि अगर रूटीन सर्जरी हुई है तो उसके बाद एक हफ्ते का हम बोलते हैं कि पेशेंट को नॉर्मल रेस्ट लेना चाहिए रेस्ट का मतलब यह नहीं है कि उनको बेड रेस्ट चाहिए बट जनरली उनको घर के अंदर ड्रॉप्स डालनी चाहिए और घर के अंदर ज्यादातर रहना चाहिए और मेन थिंग है कि उनको गोगल प्रोटेक्शन के लिए यूज करना चाहिए जागते हुए भी और सोते हुए भी ताकि वो कुछ उनको हाथ लगने के चांस नहीं रहे खाने पीने में कोई परहेज जरूरी है मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद मोतियाबिंद पर से सर्जरी के लिए कोई भी आपके खाने का परहेज की जरूरत नहीं अगर आपको डायबिटीज है या कोई और बीमारी है तो उससे रिलेटेड जो परहेज है वही कंटिन्यू होते हैं मोतिया बिंद फिर से हो सकता है क्या मैम मोतिया बिंद अगर हमने निकाल दिया है और लेंस डाल दी है तो उसमें मोतिया बिन दोबारा नहीं हो सकता बट आगे चलकर लेंस के पीछे कभी-कभी एक जाली आ जाती है जिसके लिए एक्चुअली सर्जरी की जरूरत नहीं होती बट ओपीडी में ही हम एक यक कैप लेजर से वो जाली को हम निकाल सकते हैं आजकल मैंने सुना है मैम कि रोबोटिक द्वारा एआई एस्टेड कैटरेक्ट सर्जरी होती है तो उसके बारे में थोड़ी जानकारी दे आप यह एक कैटरेक्ट सर्जरी का मोस्ट एडवांस्ड सिस्टम एक जो आया है जिसको हम सेकंड कैटरेक्ट सर्जरी भी बोलते हैं इसमें क्या रहता है कि लेजर के द्वारा इंसीजंस जो जो मैंने बोला था दो से 3 मिलीमीटर का जो चीरा रहता है वो ब्लेड से नहीं वो लेजर के द्वारा बनाया जाता है और जो मोती बिंदु के जो ओपनिंग रहती है वो भी लेजर के द्वारा बनती है और वो मोती बिंदु को काटने का जो पद्धति होती है वो भी लेजर ही करता है तो काफी सारा पार्ट जो है वो ऑटोमेटेड रहता है तो उसमें जो होता है रिकवरी का चांसेस जो होते हैं वो ज्यादा फास्ट रहते हैं और एक्यूरेसी भी ऑलमोस्ट 100% रहती है मैं हमारे डिस्कशन से अब आपकी शंकाएं थोड़ी दूर हो गई होगी तो आपकी और कोई शंकाएं हैं तो हमारे कमेंट बॉक्स पर आप कमेंट कर सकते हैं और आगे के टॉपिक्स के लिए आप सजेशंस दे सकते हैं थैंक यू धन्यवाद

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