Nandadeep Netralay

happy doctors day ..eat healthy..exercise regularly..stay healthy



happy doctors day ..eat healthy..exercise regularly..stay healthy

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Transcript :-

नमस्कार आज डॉक्टर्स दे है और इस दिन पर मुझे किसी ने पूछा की आपको जो डॉक्टरी का नॉलेज है या आप डॉक्टर बन गए तो इससे आपको क्या मिला यह डॉक्टर प्रोफेशनल आपको लाइफ में क्या मिला इसके बारे में थोड़ा सा बताइए तो जब मैं इसके बारे में सोचा मैंने बहुत बचपन से padhaai की है नियमित रूप से अभ्यास किया है और उसके बाद के ये मुंबई और फिर उसके बाद ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस दिल्ली जैसे अपेक्स इंस्टिट्यूट से मैंने अपनी padhaai की और उसके बाद फिर मेरे अपना प्रैक्टिस चालू किया अब तक मेडिकल फील्ड में करीब-करीब 23 साल से मैं कम कर रहा हूं और 50000 के ऊपर ऑपरेशन भी कर चुका हूं यह सब करने के बाद मुझे ऐसा लगा की मेडिकल फील्ड में या मेडिसिन का padhaai करके मुझे सबसे mahatvpurn जो नॉलेज मिला वह यह था की हमने बहुत सारे मेडिकल एडवांस किए हैं बहुत chijen हमने नई नई सीखी है पिछले 10-20 साल में और भी ज्यादा जो डेवलपमेंट है वो आया है लेकिन इसके बावजूद भी जितना हम ज्यादा पढ़ते हैं जितना हम इसके बारे में और नई-नई तकनीकी कहलाते हैं उतना हमें पता चलता है की अभी भी बहुत सारी chijen मेडिकल साइंस में ऐसी है जिसका हमारे पास तो कोई जवाब नहीं है वह जवाब ढूंढने के लिए कोशिश जारी है लेकिन अभी तक तो नहीं मिला और इसी कारण जब कोई पेशेंट हमारे पास आता है की हमारी यह समस्या है तो आप हंड्रेड परसेंट गारंटी दीजिए तो भैया पिछले 22 साल में मैंने एक तो सिख लिया की मेडिकल साइंस में हंड्रेड परसेंट गारंटी तो कुछ नहीं हम बहुत सारे एक्सपीरियंस से शेयर करते हैं बहुत सारे बड़े-बड़े डॉक्टर्स हम जर्नल्स में लिखते हैं मेडिकल जर्नल्स में बहुत सारे स्टडीज आते हैं इन सारे जर्नल्स में मैंने आज तक हंड्रेड परसेंट यह नंबर दिखाई नहीं सालों में नंबर इंप्रूव हुए सिंपल सी चीज जो जनरल पब्लिक में पता है की मैटरनल डेथ मतलब जब डिलीवरी के टाइम महिला की मृत्यु हो सकती है जो शायद पहले हजार में 20-30 होती थी अभी वह एक या दो होती है लेकिन अभी होती है बावजूद इसके की सारी हम फैसेलिटीज उसे करते हैं और इसमें हमारे कई डॉक्टर्स कॉलीग भी है जिनको ऐसे हादसों का सामना करना पद रहा है इसका कारण यह मेडिकल साइंस में बहुत सारी chijen हैं वो प्रिडिक्टेबल नहीं है और बीमारी जब हम तंदुरुस्त होते हैं तो भी हम अगर सोचेंगे अभी जैसे मैं बात कर रहा हूं मेरा हार्ट चालू है मेरा सास लेना चालू है क्या यह मैं कर रहा हूं नहीं यह अंदरूनी कोई मेकैनिज्म है जिसके वजह से वह हार्ट बराबर चल रहा है आप जेनरेटर लगाते हैं बहुत सारी इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट लगाते हैं फिर भी कभी भी शॉर्ट हो सकता है कभी भी बंद पद सकता है यह होता है की नहीं तो हमारा हार्ट अभी भी चलता है लेकिन वो कभी अचानक बंद भी पद सकता है वह भी अच्छे खासे तंदुरुस्त दिखने वाले लोग में भी और मुझे पता है आप इसे कई लोगों के परिवार में आजू-बाजू मैं अपने ऐसे किस सुने होंगे या देखे होंगे की बिल्कुल तंदुरुस्त नौजवान भी कभी-कभी अचानक उनका डेथ हो जाता है इसका कारण है की बहुत सारी chijen अभी भी मेडिकल साइंस को पता नहीं है यही अनफ्रेंड प्रिडिक्टिबिलिटी जो है वह डॉक्टर के पास जब आप चाहते हैं तभी भी होती है और हमेशा आप जाकर पूछेंगे डॉक्टर को की अवसर गारंटी दे दो तो कोई भी डॉक्टर यही bataega की ऐसे 100% गारंटी चीज कोई होती नहीं है भैया हान आगे अन डॉक्टर या मैं डॉक्टर हूं लेकिन मैं भी कभी पेशेंट बन के बाकी डॉक्टर के पास जाता हूं तो मुझे भी पता है की ऐसी गारंटी में मांग नहीं सकता मेरे रिलेटिव का कार्डियक ऑपरेशन हुआ या पेसमेकर इंप्लांटेशन बहुत सारे ऑपरेशन भी मुझे बताया गया की ऑपरेशन के दौरान जो मरीज है उसकी मौत हो सकती है और यह कोई इमेजिनरी नहीं है आपको लगेगा की डॉक्टर ऐसे ही बोलते हैं कुछ नहीं होता नहीं होता है बिल्कुल होता है और ऐसे हादसे कोई भी सिंपल से सिंपल मेडिसिन के बाद भी हो सकते हैं मैंने खुद देखा है सिंपल पेन किलर मेडिसिंस से मरीज की मौत हो सकती है कोई भी दवाई आप अगर पढ़ेंगे उसके अंदर की चिट्स पढ़ेंगे तो आपको पता चलेगा की इसके बहुत सारे रिस्क है रिस्क सिर्फ मेडिसिन में नहीं है आम जिंदगी में भी है हम जब कोई भी बस में जाकर बैठे हैं रेलवे में बैठते हैं तो आपको क्या पता होता है की इसको हादसा होने वाला नहीं होने वाला है क्या आप जाके वो ड्राइवर का आंख चेक करते हैं क्या उसको दिख रहा है नहीं दिख रहा है आप भरोसा करते हैं बैठे हैं और 99.9% आप ठीक ही पहुंच जाते हैं जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं तभी डॉक्टर आपको यही बताता है की हमारी तरफ से तो पुरी कोशिश होगी लेकिन कुछ chijen जो हमारे हाथ में नहीं है वह आपको एक्सेप्ट ही करना पड़ेगा और यह चीज हमारे धर्म granthon में कई हजारों साल पहले भी लिखी हुई है जो गीता सर है पर अगर आप पढ़ेंगे usmein भी clearli मेंशंड है की जो चीज है आप बदल सकते हैं उसको बदलने की कोशिश करो जरूर करो लेकिन जो आप बदल नहीं सकते उसका एक्सेप्टेंस उसका स्वीकार करना यह भी बहुत इंपॉर्टेंट चीज है तो अब किसी भी डॉक्टर पर जाओ तो आप यह मत बोलो की सर मुझे 100% गारंटी दो आप यह बोलो की सर आप अपने तरफ से 100% कोशिश करो बाकी हम आपका साथ देंगे आप डॉक्टर के पास ज्यादा से ज्यादा जाना अवॉइड करो अवॉइड करो इसका मतलब ये नहीं की आपको कुछ बीमारी है फिर भी आप जा नहीं रहे कहने का मतलब यह है की आप खुद हेल्दी रहो बराबर से खाना पीना खाओ रोज एक्सरसाइज करो सही टाइम पर सोना बहुत जरूरी है स्ट्रेस से दूर रहो यह सब आप करेंगे तो आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत कम पड़ेगी बहुत सारे आजकल नौजवान है जो बैठे-बैठे कम करते हैं डॉक्टर पर डॉक्टर उनको कुछ तो दवाई ये वो सब बताते हैं और बताते की एक्सरसाइज करो फिर भी यह लोग एक्सरसाइज नहीं करते और फिर डॉक्टर चेंज करते रहते हैं उनको लगता है की दूसरा डॉक्टर कोई अच्छा दवाई दे देगा भैया ऐसे नहीं होता है आपका शरीर सबसे पहले आपके रिस्पांसिबिलिटी है डॉक्टर की नहीं आपको खुद को अच्छे हैबिट्स लगानी चाहिए और तभी आप हेल्दी रहोगे जो भी प्रीवेंटिव चैकअप्स है या आपको बीमारी है तो डॉक्टर के पास जाना जरूरी है लेकिन बहुत सारी जो बीमारियां है वह अगर हेल्दी हैबिट्स लगाओगे तो उससे आप दूर रह सकते हो जितना लंबा आप दूर रहो उतना अच्छा है तो डॉक्टर में बताता हूं हमारे पास ज्यादा से ज्यादा मत आओ तभी आओ जब आपको कुछ जरूरी हो या प्रीवेंटिव चेकअप के लिए ए जाओ तो यह बहुत इंपॉर्टेंट ऐसा हमारे कभी भी जर्नल्स में आया ही नहीं है और आगे भी मुझे नहीं लगता कभी आएगा जो मैं पेशेंट के साथ बात करता हूं तो बहुत इंपॉर्टेंट चीज है जो हम सब ने मैं आगे अन डॉक्टर अलसो पेशेंट मैं याद रखता हूं की जो भी हमारी मदद करता है चाहे वो पैसा लेकर करें या बिना पैसे के करें उसके प्रति हमें हमेशा ग्रेट फुल कुतुब रहना चाहिए वह आपकी हेल्प कर रहा है उसके बारे में अच्छा ही सोचना चाहिए उसकी साथ देनी चाहिए कई बार मैं देखता हूं पेशेंट को जरा सा कुछ जैसे चाहिए वैसे प्रिडिक्टेबल रिजल्ट नहीं आते तो एकदम से उनको लगता है की पैसा दिया है तो मुझे सब मिलना चाहिए तो आपको पता होना चाहिए पैसा देने से लाइफ में कोई भी हेल्दी चीज नहीं मिलती हेल्दी खाना पैसा देकर ले सकते हो लेकिन खुद की हेल्प ठीक करने के लिए खुद को ही मेहनत करनी पड़ती है और कभी-कभी unfortunately सब हेल्दी होने के बाद भी आपको बीमारी हो सकती है क्योंकि यह कुछ chijen हमारे हाथ में नहीं है या अनप्रिडिक्टेबल है इस सबसे हम पॉजिटिव एटीट्यूड से बाहर निकल सकते मेडिकल साइंस अभी इंप्रूव तो हो गया है तो कई बार हम ऐसी ghatnaon को लेकर तकलीफ में आते हैं की हजार में एक ही मौत हो गई लेकिन 999 तो बज गए है ना उसे चीज से तो यह पॉजिटिव चीज है और यह नंबर बढ़ाने वाला है बहुत सारे साइंटिस्ट डॉक्टर यह फैट हमेशा करते रहते हैं लेकिन जब रिजल्ट अच्छे नहीं होते तब वह पेशेंट का और उनके रिलेटिव्स का साथ होना बहुत जरूरी होता है मैंने देखा है जब ऐसे रिलेटिव्स या पेशेंट साथ देते डॉक्टर का तो कभी-कभी वो भी पॉजिटिव रिजल्ट की तरफ बढ़ सकते हैं और यह सच्चाई तो कुछ durghatnayen होगी जैसे मैंने बोला यह बहुत अनप्रिडिक्टेबल है यही चीज मैंने जब मेडिसिन लिया उसके बाद सिखा की हमारा लाइफ हमारे जो बॉडी है शरीर है वह काफी अनप्रिडिक्टेबल है हम कई हद तक अभी हम प्रिडिक्टेबल रिजल्ट दे सकते हैं लेकिन जो बचा है उसके बारे में हम बस पॉजिटिव एटीट्यूड लेकर ही चलना चाहिए ताकि सब कुछ अच्छा हो तो डॉक्टर्स दे के प्रति मेरे सारे जो डॉक्टर कलीग्स है उनको बहुत-बहुत shubhkamnaen हम ऐसे ही अच्छा कम करते रहेंगे जिससे हमारी जो सोसाइटी है उनको सबसे अच्छे उपचार मिले वो हेल्दी रहे उनको पूरा लाइफ इंजॉय करने को मिले और बस इतना ही चाहते हैं मत पूछिए क्योंकि आपको भी पता है जो सच है वह यही है की 100% गारंटी नहीं होती है हमेशा आपको जो भी खराब चीज होने वाली है उसके लिए तैयार रहना चाहिए लेकिन हमेशा पॉजिटिव सोच भी रखनी चाहिए की इससे हम बाहर निकल सकते रहो खुश रहो हैप्पी डॉक्टर

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